“असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश एवं मृत्यु से अमरता की ओर ले चलें।” — बृहदारण्यक उपनिषद्

दिव्य सनातन पब्लिक स्कूल
संस्कार, ज्ञान एवं चरित्र
की पावन तपोभूमि।
मिथिला के समृद्ध सनातन संस्कारों और वैदिक जीवन मूल्यों के साथ 21वीं सदी की आधुनिक वैज्ञानिक शिक्षा, अत्याधुनिक स्मार्ट लैब्स एवं समग्र चारित्रिक विकास का संगम।
संस्कारवान चरित्र, आधुनिक ज्ञान
बौद्धिक आत्मनिर्भरता, नैतिक मूल्य और मिथिला की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित समग्र शिक्षा।

प्रयोगधर्मी विज्ञान व कोडिंग
रटने के बजाय विज्ञान प्रयोगशाला में व्यावहारिक प्रयोग, वैदिक गणित और कम्प्यूटर लैब में तार्किक कोडिंग।

सनातन संस्कार व सेवा भाव
दैनिक प्रार्थना, बड़ों का सम्मान, पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता और सेवा भाव से चारित्रिक निर्माण।
विद्याधनं सर्वधनप्रधानम् — विद्या ही समस्त धनों में प्रधान है।

मंच प्रस्तुति व द्विभाषी दक्षता
कक्षा 1 से ही मंच पर बोलने का अवसर, हिंदी-अंग्रेजी में धाराप्रवाह सम्भाषण और वाद-विवाद सत्र।

खेलकूद व मिथिला धरोहर
कबड्डी, खो-खो व दैनिक योग के साथ पारंपरिक मिथिला मधुबनी चित्रकला और लोक संगीत का प्रशिक्षण।
मार्गदर्शकों के विचार एवं संदेश
निदेशक, प्राचार्या एवं उप-प्राचार्य के संदेश — डीएसपीएस के संस्कार, अनुशासन और शैक्षणिक दृष्टिकोण की झलक।
श्री रमेश झा
संस्थापक-निदेशकM.A., B.Ed. · 25+ years in education
“डीएसपीएस की स्थापना एक सरल विश्वास पर हुई — सनातन संस्कारों में रचा-बसा बच्चा आधुनिक विज्ञान में भी सर्वश्रेष्ठ हो सकता है। जब हमारे विद्यार्थी प्रातः गुरुजनों का चरण-स्पर्श कर दिन की शुरुआत करते हैं और फिर गणित में जिला स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं, वही हमारा मिथिला आदर्श है।”
डॉ. मीरा मिश्रा
प्राचार्याM.Sc., Ph.D., B.Ed. · 18+ years of leadership
“हमारे द्वार में प्रवेश करने वाला हर बच्चा एक ज्योति लेकर आता है। अभिभावकों से मेरा वादा है — हम आपके बच्चे को नाम से, उसकी शक्ति से और उसके सपने से पहचानेंगे। स्नेह के साथ अनुशासन, विज्ञान के साथ संस्कृत — यही संतुलन डीएसपीएस की कक्षा है।”
श्री संजय कुमार
उप-प्राचार्यM.A. (English), B.Ed. · 14+ years of teaching
“उपस्थिति पंजी महत्वपूर्ण है, पर चरित्र की पंजी उससे भी अधिक। प्रातः सभा के मंच से कबड्डी के मैदान तक, हम हर विद्यार्थी को मंच देते हैं — क्योंकि दस वर्ष की आयु में बना आत्मविश्वास तीस की आयु में नेतृत्व बनता है।”
DSPS को क्या बनाता है
अन्य विद्यालयों से सर्वथा भिन्न?
हम विशुद्ध व्यावसायिक शिक्षा को अस्वीकार करते हैं। हम कठोर शैक्षणिक अनुशासन के साथ संवेदनशील नैतिक मूल्यों, सुरक्षित वातावरण और शिक्षकों के व्यक्तिगत वात्सल्य का संतुलन स्थापित करते हैं।
बुनियादी साक्षरता व गणितीय स्पष्टता
आरंभिक कक्षाओं से ही गणित, भाषा और ध्वनिकी (Phonetics) की मजबूत समझ विकसित करना ताकि छात्र आगे की कक्षाओं में पूर्ण आत्मविश्वास व तार्किक समझ से अध्ययन कर सकें।
सनातन जीवन मूल्य व कृतज्ञता भाव
संस्कार केवल उपदेश नहीं हैं; इन्हें दैनिक प्रार्थना, भोजन-मंत्र, गुरु-चरण स्पर्श, पंच-तत्व पर्यावरण संरक्षण और सत्यनिष्ठा के रूप में आचरण में लाया जाता है।
खेल, योग और शारीरिक सौष्ठव
दैनिक शारीरिक प्रशिक्षण, पारंपरिक भारतीय खेल (कबड्डी, खो-खो), क्रिकेट और योगाभ्यास से विद्यार्थियों में असाधारण एकाग्रता, अनुशासन और सहनशीलता विकसित होती है।
निर्भीक सम्भाषण व मंच कौशल
कक्षा 1 से ही प्रत्येक बच्चे को प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में मंच सम्बोधन, हिंदी-अंग्रेजी में धाराप्रवाह वक्तव्य और वाद-विवाद सत्रों द्वारा मंच-भय से पूरी तरह मुक्त किया जाता है।
घंटी बजने पर पढ़ाई रुकती नहीं, जीवन निखरता है
कक्षाएं जहाँ बौद्धिक क्षमता को तराशती हैं, वहीं परिसर जीवन चार सदनों की प्रतिस्पर्धा, सांस्कृतिक उत्सवों, सात्विक सह-भोज और सुरक्षित वातावरण के साथ बच्चों को समाज व जीवन के लिए तैयार करता है।
४ सदन प्रणाली
आर्यभट्ट, गार्गी, वाल्मीकि, चाणक्य
१५+ वार्षिक उत्सव
सरस्वती पूजा, बिहार दिवस, वार्षिकोत्सव
सात्विक सह-भोज
भोजन मंत्र व शून्य-अपव्यय संस्कार
जीपीएस बस बेड़ा
२०+ ग्रामीण मार्ग व महिला अटेंडेंट

चार सदन प्रणाली: सहयोग व वार्षिक शील्ड
आर्यभट्ट, गार्गी, वाल्मीकि व चाणक्य सदनों के माध्यम से खेलकूद, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं और छात्र परिषद नेतृत्व से विद्यार्थियों में सहयोग व नेतृत्व भावना का विकास।

सरस्वती वंदना, बिहार दिवस व भव्य वार्षिकोत्सव
सरस्वती पूजा के पुष्प अनुष्ठान, बिहार दिवस पर मैथिली लोकगीत व नाटक, राष्ट्रीय पर्व परेड और भव्य वार्षिक सांस्कृतिक संध्या में हर विद्यार्थी का आत्मविश्वास निखरता है।

सात्विक मध्याह्न भोजन एवं सह-भोज शिष्टाचार
भोजन से पूर्व वैदिक भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ, मित्रों के साथ स्वच्छ भोजन कक्ष में सह-भोज, शिष्टाचार और अन्न व कृषक के प्रति कृतज्ञता की गहरी समझ।

हरित खेल प्रांगण, 24/7 सुरक्षा व जीपीएस बस सेवा
विशाल हरित वृक्षों से आच्छादित सुरक्षित खेल प्रांगण, 24/7 सीसीटीवी सुरक्षा और भवानीपुर व निकटवर्ती ग्रामीण अंचलों को जोड़ने वाली जीपीएस सुरक्षित बस सेवा।
डीएसपीएस के वास्तविक पलों को तस्वीरों में देखें
कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, लोककला प्रदर्शनियों और वार्षिक खेलकूद के वास्तविक पलों का संपूर्ण संग्रह।
नवीनतम सूचनाएँ एवं परिपत्र
विद्यालय से जुड़ी प्रामाणिक घोषणाएँ।
Annual Sports Meet 2026 Registration Notice
Students from Class 1 to 8 can register for athletics, Kabaddi, Kho-Kho, and chess events.
Mid-Term Examination Date Sheet & Guidelines
Official timetable for Class 1 to 8 September mid-term examinations with syllabus breakdown.
Mithila Folk Painting & Sanskrit Recitation Workshop
Special weekend workshop on traditional Madhubani/Mithila art techniques and Vedic pronunciation.
समर्पित शिक्षक एवं आचार्य
संस्कार, ज्ञान एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन।
डीएसपीएस भवानीपुर के आचार्य केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि हर विद्यार्थी के स्वभाव को पहचानकर उसमें ज्ञान, आचरण और नैतिक साहस का बीजारोपण करते हैं।

डॉ. रामानंद झा
शैक्षणिक समन्वयक एवं वरिष्ठ विज्ञान संकाय
संकल्पनात्मक विज्ञान शिक्षण, भौतिकी प्रयोगशाला एवं छात्र मार्गदर्शन में १८ से अधिक वर्षों का विशिष्ट अनुभव।

सुनीता कुमारी
प्राथमिक प्रभाग प्रमुख
आरंभिक बाल ध्वनिकी (Phonetics), रचनात्मक कथा वाचन, हिंदी व्याकरण एवं संस्कार निर्माण में विशेषज्ञता।

विक्रम कुमार शर्मा
वरिष्ठ गणित अध्यापक
वैदिक गणितीय विधियों, ज्यामितीय पहेलियों और छात्रों में गणित के प्रति स्वाभाविक रुचि व तार्किक दृष्टि विकसित करने में समर्पित।

अंजलि मिश्रा
कंप्यूटर विज्ञान एवं आईटी संकाय
डिजिटल साक्षरता, ब्लॉक कोडिंग, स्क्रैच प्रोग्रामिंग और साइबर सुरक्षा जागरूकता में छात्रों का कुशल मार्गदर्शन।
2016 से अनवरत ज्ञान प्रकाश
निष्ठा, प्रगति एवं सनातन आदर्श।
भवानीपुर (सीतापुर), सुपौल में DSPS की नींव इस पावन संकल्प के साथ रखी गई कि ग्रामीण व अर्द्ध-शहरी बिहार के बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक विश्वस्तरीय शिक्षा मिले।
विद्यालय की स्थापना व शिलान्यास
भवानीपुर (सीतापुर), सुपौल में आधुनिक अंग्रेजी माध्यम शिक्षा एवं सनातन संस्कारों के पावन समन्वय के साथ विद्यालय की स्थापना।
प्रयोगात्मक विज्ञान व प्रयोगशाला विस्तार
प्रयोगात्मक विज्ञान केंद्र, भौतिकी-रसायन प्रयोगशाला, गणितीय पहेली कक्ष और खेल मैदान का सर्वांगीण विस्तार।
स्मार्ट क्लासरूम व डिजिटल शिक्षा
इंटरैक्टिव स्मार्ट स्क्रीन, कंप्यूटर व कोडिंग प्रयोगशाला तथा मिथिला लोककला कार्यशालाओं का नियमित पाठ्यक्रम में समावेशन।
जिला स्तरीय सम्मान व उपलब्धियाँ
जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में कबड्डी व एथलेटिक्स शील्ड, जूनियर गणित ओलंपियाड में स्वर्ण पदक और आधिकारिक मान्यता प्रमाणन।
आगामी स्वर्णिम दशक विज़न
रोबोटिक्स एवं एआई स्टूडियो, वैदिक गणित शोध केंद्र, 500-आसन खुला सांस्कृतिक रंगमंच और 30+ ग्रामीण बस मार्गों का विस्तार।
आगामी स्वर्णिम दशक विज़न
रोबोटिक्स एवं एआई स्टूडियो, वैदिक गणित शोध केंद्र, 500-आसन खुला सांस्कृतिक रंगमंच और 30+ ग्रामीण बस मार्गों का विस्तार।
दिव्य सनातन में
अपने बच्चे का भविष्य संवारें।
कक्षा 1 से 8 तक के लिए नामांकन प्रारंभ। अभिभावकों का भवानीपुर परिसर में कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर प्रभाग और खेल प्रांगण का प्रत्यक्ष अवलोकन करने हेतु हार्दिक स्वागत है।
कोई डोनेशन या गुप्त शुल्क नहीं
पारदर्शी एवं नियमानुकूल शुल्क संरचना, मेधावी छात्रों हेतु विशेष सहयोग।
मार्गदर्शित परिसर भ्रमण
हरित परिसर, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला और खेल मैदान का प्रत्यक्ष अनुभव।
24 घंटे में परामर्शदाता का सम्पर्क
पाठ्यक्रम विवरण एवं प्रवेश दस्तावेजों की पूर्ण सहायता हेतु फोन परामर्श।
पूर्व छात्र परिषद — सदा डीएसपीएस परिवार का अंग
भवानीपुर से लेकर देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों, रक्षा अकादमियों और सिविल सेवाओं तक — हमारे विद्यार्थी सनातन जीवन मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ राष्ट्र का गौरव बढ़ा रहे हैं।

आयुष कुमार
प्रमाणितसत्र २०१९ बैच
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), पटना
"DSPS भवानीपुर की भौतिक विज्ञान लैब में जगी वैज्ञानिक जिज्ञासा ने मुझे NIT पटना में प्रवेश दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। शिक्षकों ने एक ग्रामीण छात्र के सपनों पर अटूट विश्वास किया।"

पूजा मिश्रा
प्रमाणितसत्र २०२१ बैच
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH)
"DSPS में अनुशासन कभी दंडात्मक नहीं था, बल्कि सनातन मूल्यों, स्वच्छता और आंतरिक संकल्प पर आधारित था। वही चारित्रिक नींव आज मुझे MBBS के कठिन दौर में सम्बल प्रदान करती है।"
क्या आप DSPS के पूर्व छात्र हैं?
अपने संस्थान से जुड़े रहें, कनिष्ठ विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व मार्गदर्शन प्रदान करें और DSPS परिवार के गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाएं।
भवानीपुर परिसर में आपका स्वागत है
भवानीपुर, सीतापुर स्थित हमारा शांत, हरित परिसर अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवं आगंतुकों के लिए सोमवार से शनिवार तक खुला है।
Divya Sanatan Public School (DSPS)

गूगल मैप्स पर दिशा-निर्देश
सीधे भवानीपुर विद्यालय परिसर का नेविगेशन
